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यहूदियों के सामूहिक नरसंहार के अंतरराष्ट्रीय स्मृति दिवस पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का वीडियो संदेश
24 Jan 2018 -  प्रिय साथियों,
आज हम यहूदियों के सामूहिक नरसंहार (होलोकॉस्ट) में मारे गए साठ लाख यहूदियों को सम्मान के साथ याद कर रहे हैं. उन पीड़ितों को भी जो अभूतपूर्व, सुनियोजित क्रूरता और भयावहता का शिकार हुए.
इस वर्ष का स्मृति समारोह ऐसे समय में हो रहा है जब यहूदीवाद विरोधी भावनाएं ख़तरनाक ढंग से पनप रही हैं.
अमेरिका में एक सिनेगॉग (यहूदी उपासना स्थल) पर घातक हमले से लेकर यूरोप में यहूदियों की कब्रगाहों में तोड़ फोड़ हुई हैं. शताब्दियों से चली आ रही नफ़रत अब भी न सिर्फ़ बनी हुई है बल्कि स्थिति बदतर होती जा रही है.
हम नवनात्सी समूहों को फैलते हुए, इतिहास को फिर लिखे जाने और होलोकॉस्ट से जुड़े तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किए जाने की कोशिशें देखते हैं.
हम देखते हैं कट्टरता बेहद तेज़ी से इंटरनेट पर फैल रही है.
जैसे जैसे द्वितीय विश्व युद्ध की याद धुंधली पड़ती है और होलोकॉस्ट में बच गए यहूदियों की संख्या कम होती है, सतर्क बने रहने की ज़िम्मेदारी हम पर आती है.
और जैसा ब्रिटेन के प्रमुख यहूदी रब्बाई जोनाथन सैक्स ने यादगार शब्दों में कहा: “जो नफ़रत यहूदियों से शुरू होती है वह यहूदियों के साथ कभी ख़त्म नहीं होती.”
निश्चित ही हम मुख्यधारा की राजनीति में असहिष्णुता को प्रवेश पाते देख रहे हैं. अल्पसंख्यकों, मुस्लिमों, प्रवासियों और शरणार्थियों को निशाना बनाया जा रहा है और बदलती दुनिया के चलते उपजे ग़ुस्से और बेचैनी का ग़लत ढंग से इस्तेमाल हो रहा है.
आइए, सार्वभौमिक मूल्यों के लिए और सभी के लिए समान दुनिया बनाने की इस लड़ाई में हम पहले से कहीं अधिक एकजुटता कायम करें.