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बाल अधिकार कन्वेंशन की 30वीं वर्षगाँठ पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश (20 नवंबर)
19 Nov 2019 -  30 वर्ष पहले, देशों ने दुनिया भर में बच्चों के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता जताने के लिए एकजुटता दिखाई थी.
बाल अधिकारों पर कन्वेंशन ने पहली बार हर एक लड़की और लड़के के अधिकारों के लिए एक बाध्यकारी वैश्विक प्रतिबद्धता का ख़ाका पेश किया था.
सभी देशों ने बच्चों के सार्वभौमिक नाज़ुक हालात को पहचान दी थी, और सभी बच्चों को भोजन, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और सुरक्षा मुहैया कराने का संकल्प व्यक्त किया था.
बाल अधिकारों के मामले में प्रगति हुई है, बाल मृत्यु के मामले आधे हो गए हैं,
और दुनिया भर में बच्चों की वृद्धि रुक जाने के मामलों में भी कमी हुई है.
लेकिन लाखों बच्चे अब भी युद्धों, ग़रीबी, भेदभाव और बीमारियों की वजह से तकलीफ़ में हैं.
दुनिया भर में बच्चे अपनी मज़बूती और नेतृत्व क्षमताएँ दिखाकर सभी के लिए एक ज़्यादा टिकाऊ विश्व बनाने की पैरवी कर रहे हैं.
इस ऐतिहासिक कन्वेंशन की 30वीं वर्षगाँठ मनाते समय, मैं सभी देशों से उनके वादों पर अमल करने का आग्रह करता हूँ.
आइए, हम अब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाएँ और बच्चों को प्राथमिकता पर रखने का संकल्प दोहराएँ.
हर एक बच्चे और हर एक अधिकार के लिए.