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हिंसा के बोझ तले दबा बचपन
31 Dec 2019 -  यूनीसेफ़ के अनुसार वर्ष 2010 की शुरुआत से अब तक बच्चों के अधिकार हनन के गंभीर मामलों की संख्या एक लाख 70 हज़ार आंकी गई है यानी पिछले 10 वर्षों में औसतन हर दिन हनन के 45 मामले. सशस्त्र संघर्षों में लगातार बच्चों की मौतें हो रही है, वे अपंगता का शिकार हो रहे हैं और उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित इलाक़ों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.