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एंतोनियो गुटेरेश ( महासचिव ) विश्व वन्यजीव दिवस पर सन्देश 2021
1 Mar 2021 -  पृथ्वी पर मौजूद वन ों में, तमाम वन्य प्रजाततय ों का लगभग 80 प्रततशत तिस्सा रिता िै.
ये प्रजाततयााँ जलवायु का सन्तुलन बनाए रखने और कर ड ों ल ग ों की आजीतवका में मदद करती िैं.
दुतनया भर के तनर्धन ल ग ों की लगभग 90 प्रततशत आबादी, तकसी ना तकसी रूप में, वन सोंसार्न ों पर तनभधर िै.
ये बात, तवशेष रूप से, उन आतदवासी समुदाय ों के तलये अतर्क सटीक िै ज वन ों में, या उनके तनकट बसते िैं.
तवश्व की लगभग 28 प्रततशत भूतम का प्रबन्धन आतदवासी समुदाय करते िैं, तजसमें, पृथ्वी पर मौजूद कु छ ऐसे वन भी िैं तजन्हें क ई नुक़सान निीों पहाँचा िै.
ये वन आजीतवका व साोंस्कृ ततक पिचान मुिैया कराते िैं.
वन ों का, गैर-त़िम्मेदार तरीक़े से द िन तकया जाना, इन समुदाय ों के तलए नुक़सानदेि िै, उससे जैव-तवतवर्ता की िातन ि ती िै और जलवायु भी बातर्त ि ती िै.
िर वषध, 47 लाख िैक्टेयर क्षेत्रफल में वन ख़त्म ि जाते िैं – ज तक डेनमाकध से भी बडा इलाक़ा िै.
अरक्षणीय कृतष इसका एक प्रमुख कारण िै.
वैतश्वक स्तर पर लकडी की तस्करी भी एक अन्य प्रमुख कारण िै, ज कु छ देश ों में त , 90 प्रततशत वन उन्मूलन के तलये त़िम्मेदार िै.
दुतनया के कु छ तवशाल सोंगतित अपरार् गुट भी इसकी तरफ़ आकतषधत ि ते िैं.
वन्य जीव-जन्तुओों का अवैर् व्यापार भी एक अन्य ख़तरा िै, तजससे ईब ला और क तवड-19 जैसी पशुजतनत बीमाररय ों के बढ़ने का ज खखम िै.
इसतलये, इस वषध के तवश्व वन्यजीव तदवस पर, मैं देश ों, कार बार ों और िर जगि के आमजन का आिवान करता हाँ तक व वन ों और वन्य जीव-जन्तुओों की सोंरक्षा के तलये अपने प्रयास बढ़ाएाँ , और वन समुदाय ों की आवा़ि सुनने व उसे बुलन्द करने में सिय ग दें.
ऐसा करके िम, आम ल ग ों, पृथ्वी और ख़ुशिाली के तलये, तटकाऊ तवकास लक्ष् ों की प्राखि में य गदान करेंगे.
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