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रवाण्डा के भयावह जनसंहार से सबक़ लें
7 Apr 2021 -  इस साल, उस घटनाक्रम को 27 वर्ष हो जाएँगे जब रवाण्डा में, तीन महीने से भी कम अवधि में, सुनियोजित ढंग से, दस लाख से भी ज़्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी. मारे गए लोगों में ज़्यादातर तुत्सी थे, मगर उनमें, कुछ हुतू और अन्य समूहों के लोग भी थे, जिन्होंने जनसंहार का विरोध किया था. 1994 के वो दिन, हम सबकी सामूहिक अन्तरात्मा को झकझोर देने वाली और हाल के मानव इतिहास की सबसे भयावह याद के रूप में बने रहेंगे.
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