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महिला नेतृत्व की आवश्यकता
15 Mar 2021 -  महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग का 65वाँ सत्र सोमवार से, न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हो रहा है. इसमें दुनिया भर में पूर्ण लैंगिक समानता हासिल करने और निर्णय प्रक्रिया में, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी. हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र में संसदों के अन्तरराष्ट्रीय संगठन, अन्तर-संसदीय संघ यानि आईपीयू की ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया था कि दुनियाभर की संसदों में, महिला सांसदों की भागेदारी 25 प्रतिशत से अधिक पहुँच गई है. यह आँकड़ा ऐतिहासिक है, लेकिन संसदों में लैंगिक समानता हासिल करने का लक्ष्य अब भी दूर है. एशिया में, और ख़ासतौर पर भारत में भी नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की हिस्सदारी बढ़ी है, लेकिन अभी और अधिक साहसिक क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है. संसद में, व नेतृत्व पदों पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बारे में, भारत में नेतृत्व के तीन स्तरों पर आसीन महिलाओं के विचार प्रस्तुत करता वीडियो फ़ीचर.